गोविंदगंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2005
मीना देवी (JD(U)) ने 2005 के विधान सभा चुनाव में 40.2% वोट पाकर गोविंदगंज सीट जीती और राजन तिवारी (LJP) को 16,021 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 20 हरसिद्धि थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 20 चिरैया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मीना देवी 18.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मीना देवी NDA | NDA | 35,74340.2% |
| 2 | राजन तिवारी | 19,72222.2% | |
| 3 | शशि भूषण राय निर्दलीय | निर्दलीय | 15,42317.4% |
| 4 | अनिरुद्ध साहनी | 15,10117.0% | |
| 5 | प्रभु राम | 2,8833.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.69 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.18 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गोविंदगंज से कौन जीता, 1977–2005
JD(U) ने 2005 (फ़रवरी) में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 34.9% से बढ़कर 40.2% हो गया। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत लगभग 2005 (फ़रवरी) जितना ही रहा: 42.9%।
- 1977रमाशंकर पाण्डेय (INC), जीत का अंतर 21.3%
- 1980रमाशंकर पाण्डेय (INC(I)), जीत का अंतर 5.3%
- 1985योगेन्द्र पाण्डेय (IND), जीत का अंतर 6.7%
- 1990योगेन्द्र पाण्डेय (JD), जीत का अंतर 8.5%
- 1995देवेन्द्र नाथ दुबे (SAP), जीत का अंतर 13.7%
- 2000राजन तिवारी (IND), जीत का अंतर 3.0%
- 2005 (फ़रवरी)मीणा द्विवेदी (JD(U)), जीत का अंतर 9.3%
- 2005 (अक्टूबर)मीना देवी (JD(U)), जीत का अंतर 18.0%