मधेपुराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2005
मानिन्द्र कुमार मंडल (JD(U)) ने 2005 के विधान सभा चुनाव में 39.0% वोट पाकर मधेपुरा सीट जीती और डॉ. अशोक कुमार (RJD) को 7,872 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 120 बनमनखी थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 120 अमनौर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मानिन्द्र कुमार मंडल NDA | NDA | 34,58238.9% |
| 2 | डॉ. अशोक कुमार | 26,71030.1% | |
| 3 | चन्द्रशेखर निर्दलीय | निर्दलीय | 10,58511.9% |
| 4 | बिजय कुमार | 10,36211.7% | |
| 5 | सीता राम साह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2952.6% |
| 6 | संजय कुमार यादव | 1,7822.0% | |
| 7 | शफीक मियाँ निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4001.6% |
| 8 | अनिल कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0741.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 81% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.68 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.10 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मधेपुरा से कौन जीता, 1977–2005
JD(U) ने 2005 (फ़रवरी) में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 34.3% से बढ़कर 39.0% हो गया। यह 1985 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत लगभग 2005 (फ़रवरी) जितना ही रहा: 39.5%।
- 1977राधा कान्त यादव (JNP), जीत का अंतर 35.7%
- 1980राधा कान्त यादव (JNP(SC)), जीत का अंतर 13.6%
- 1985भोली प्रसाद मंडल (INC), जीत का अंतर 0.4%
- 1990राधा कान्त यादव (JD), जीत का अंतर 32.3%
- 1995परमेश्वरी प्रसाद निराला (JD), जीत का अंतर 27.7%
- 2000राजेन्द्र प्रसाद यादव (RJD), जीत का अंतर 26.9%
- 2005 (फ़रवरी)मानिन्द्र कुमार मंडल (JD(U)), जीत का अंतर 12.1%
- 2005 (अक्टूबर)मानिन्द्र कुमार मंडल (JD(U)), जीत का अंतर 8.9%