सहरसाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2005
सजीव कुमार झा (BJP) ने 2005 के विधान सभा चुनाव में 39.1% वोट पाकर सहरसा सीट जीती और डॉ. अब्दुल गफूर (RJD) को 6,159 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 117 आलमनगर थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 117 मढ़ौरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सजीव कुमार झा NDA | NDA | 40,81639.1% |
| 2 | डॉ. अब्दुल गफूर | 34,65733.2% | |
| 3 | शंकर प्रसाद टेकरीवाल | 12,58812.1% | |
| 4 | मो. मीर हासिम | 7,1156.8% | |
| 5 | हरि नारायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2382.1% |
| 6 | बहादुर पासवान | 1,7711.7% | |
| 7 | बिहारी सदा IJP | IJP | 1,7411.7% |
| 8 | राजेन्द्र राम निर्दलीय | निर्दलीय | 9390.9% |
| 9 | वीरेन्द्र यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 8990.9% |
| 10 | रतन पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 8510.8% |
| 11 | शिव कुमार सिंह | 7210.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.52 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.01 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सहरसा से कौन जीता, 1977–2005
BJP ने 2005 (फ़रवरी) में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 38.1% से बढ़कर 39.1% हो गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2005 (फ़रवरी) के 46.1% से घटकर 42.0% रह गया।
- 1977शंकर प्रसाद टेकरीवाल (JNP), जीत का अंतर 12.6%
- 1980रमेश झा (INC(I)), जीत का अंतर 56.3%
- 1985सतीश चन्द्र झा (INC), जीत का अंतर 9.4%
- 1990शंकर प्रसाद टेकरीवाल (JD), जीत का अंतर 23.9%
- 1995शंकर प्रसाद टेकरीवाल (JD), जीत का अंतर 22.1%
- 2000शंकर प्रसाद टेकरीवाल (RJD), जीत का अंतर 9.8%
- 2005 (फ़रवरी)संजीव कुमार झा (BJP), जीत का अंतर 8.2%
- 2005 (अक्टूबर)सजीव कुमार झा (BJP), जीत का अंतर 5.9%