त्रिवेणीगंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2005
विश्व मोहन कुमार (JD(U)) ने 2005 के विधान सभा चुनाव में 35.5% वोट पाकर त्रिवेणीगंज सीट जीती और अनीता देवी (RJD) को 7,430 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 113 सहरसा थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 113 एकमा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | विश्व मोहन कुमार NDA | NDA | 30,88935.5% |
| 2 | अनीता देवी | 23,45926.9% | |
| 3 | श्यामा नन्द यादव | 12,24114.1% | |
| 4 | शकुंतला प्रसाद | 10,76212.4% | |
| 5 | नारायण मंडल | 4,4375.1% | |
| 6 | संजीत कुमार चौधरी | 2,3862.7% | |
| 7 | बलदेव राम AD | AD | 1,5371.8% |
| 8 | संजय कुमार चौधरी | 1,3661.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 76% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.21 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.13 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
त्रिवेणीगंज से कौन जीता, 1977–2005
JD(U) ने यह सीट LJP से छीन ली, जिसने इसे 2005 (फ़रवरी) में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JD(U) की पहली जीत थी। यह 1990 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 2005 (फ़रवरी) के 49.7% से घटकर 47.9% रह गया।
- 1977अनूप लाल यादव (JNP), जीत का अंतर 23.2%
- 1980जगदीश मंडल (INC(I)), जीत का अंतर 0.6%
- 1985अनूप लाल यादव (LKD), जीत का अंतर 26.1%
- 1990अनूप लाल यादव (JD), जीत का अंतर 27.2%
- 1995विश्व मोहन कुमार (INC), जीत का अंतर 5.6%
- 2000अनूप लाल यादव (RJD), जीत का अंतर 5.7%
- 2005 (फ़रवरी)विश्व मोहन कुमार (LJP), जीत का अंतर 7.6%
- 2005 (अक्टूबर)विश्व मोहन कुमार (JD(U)), जीत का अंतर 8.5%