फुलपरासविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
राम कुमार यादव (JD) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 29.9% वोट पाकर फुलपरास सीट जीती और देव नाथ यादव (INC) को 5,157 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 81 झंझारपुर थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 81 अलीनगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। राम कुमार यादव 4.8% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
21 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राम कुमार यादव राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 32,32529.9% |
| 2 | देव नाथ यादव | 27,16825.2% | |
| 3 | वीरेन्द्र कुमार वर्मा वाम दल | वाम दल | 17,98616.7% |
| 4 | भारत मंडल वाम दल | वाम दल | 12,93812.0% |
| 5 | हर वलभ भिंडवार निर्दलीय | निर्दलीय | 8,2347.6% |
| 6 | कमला प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6,1385.7% |
| 7 | किशोरी झा निर्दलीय | निर्दलीय | 7380.7% |
| 8 | महेन्द्र नारायण मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 5380.5% |
| 9 | तरुण मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 4980.5% |
| 10 | सागर साह BKUS | BKUS | 4510.4% |
| 11 | देवेन्द्र प्रसाद यादव LKD(B) | LKD(B) | 4450.4% |
| 12 | खुशी लाल वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1580.1% |
| 13 | भागवत नारायण यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 600.1% |
| 14 | सुरेन्द्र यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 560.1% |
| 15 | सीता राम निर्दलीय | निर्दलीय | 460.0% |
| 16 | हेम लता यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 370.0% |
| 17 | हरि नारायण यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 360.0% |
| 18 | अशोक कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 310.0% |
| 19 | चन्द्र रोशर झा ABJS | ABJS | 300.0% |
| 20 | अनवारुल हक निर्दलीय | निर्दलीय | 150.0% |
| 21 | गंगा धर यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 150.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 72% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.89 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फुलपरास से कौन जीता, 1977–2005
JD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 47.7% से बढ़कर 65.2% हो गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1977देवेन्द्र प्रसाद यादव (JNP), जीत का अंतर 40.5%
- 1980सुरेन्द्र यादव (JNP(SC)), जीत का अंतर 14.5%
- 1985हेमलता यादव (INC), जीत का अंतर 8.4%
- 1990राम कुमार यादव (JD), जीत का अंतर 4.8%
- 1995देव नाथ यादव (INC), जीत का अंतर 3.3%
- 2000राम कुमार यादव (JD(U)), जीत का अंतर 5.5%
- 2005 (फ़रवरी)देव नाथ यादव (SP), जीत का अंतर 27.3%
- 2005 (अक्टूबर)देव नाथ यादव (SP), जीत का अंतर 5.9%