कांटीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
नलिनी रंजन सिंह (JD) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 25.0% वोट पाकर कांटी सीट जीती और शम्भू शरण ठाकुर (INC) को 5,683 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 56 साहेबगंज थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 56 अमौर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
33 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नलिनी रंजन सिंह राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 20,14925.0% |
| 2 | शम्भू शरण ठाकुर | 14,46618.0% | |
| 3 | बालेश्वर रेसुलपुरी निर्दलीय | निर्दलीय | 13,80317.1% |
| 4 | रत्नेश्वर प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6,7968.4% |
| 5 | शमसुल होदा LKD(B) | LKD(B) | 3,9754.9% |
| 6 | भुवनेश्वर राय निर्दलीय | निर्दलीय | 3,6604.5% |
| 7 | वली सा | 3,5064.3% | |
| 8 | रामकृपाल सिंह | 3,3674.2% | |
| 9 | लक्ष्मी ना. साह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9782.5% |
| 10 | हारून रशीद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9042.4% |
| 11 | भूप नारायण सिंह | 1,5051.9% | |
| 12 | दहौर प्रसाद गुप्ता BBP | BBP | 1,1451.4% |
| 13 | घनश्याम झा निर्दलीय | निर्दलीय | 9241.1% |
| 14 | चन्देश्वर पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 6340.8% |
| 15 | सत्य नारायण शर्मा JNP(JP) | JNP(JP) | 5360.7% |
| 16 | सुधाकर शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 4360.5% |
| 17 | नन्द किशोर राय निर्दलीय | निर्दलीय | 2880.4% |
| 18 | अरविन्द कु शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 2010.3% |
| 19 | श्याम ना. सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1850.2% |
| 20 | सिमल बिहारी सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1840.2% |
| 21 | सिकन्दर मिया निर्दलीय | निर्दलीय | 1510.2% |
| 22 | श्याम चन्द्र राय निर्दलीय | निर्दलीय | 1160.1% |
| 23 | संजीव कु ठाकुर | 1090.1% | |
| 24 | महेश्वर मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 980.1% |
| 25 | उमेश ठाकुर निर्दलीय | निर्दलीय | 940.1% |
| 26 | ज्ञान चन्द्र साह निर्दलीय | निर्दलीय | 930.1% |
| 27 | अजय कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 910.1% |
| 28 | गरीबनाथ ठाकुर निर्दलीय | निर्दलीय | 330.0% |
| 29 | श्याम नन्दन ठाकुर निर्दलीय | निर्दलीय | 300.0% |
| 30 | विनोद कुमार ठाकुर निर्दलीय | निर्दलीय | 290.0% |
| 31 | ललितेश्वर प्रसाद यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 220.0% |
| 32 | उमाशंकर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 210.0% |
| 33 | सुखदेव साह निर्दलीय | निर्दलीय | 200.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 60% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 7.07 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कांटी से कौन जीता, 1977–2005
JD ने यह सीट SUC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 54.0% से बढ़कर 54.8% हो गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में भी JD ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977ठाकुर प्रसाद सिंह (JNP), जीत का अंतर 17.7%
- 1980नलिनी रंजन सिंह (SUC), जीत का अंतर 17.8%
- 1985नलिनी रंजन सिंह (SUC), जीत का अंतर 0.3%
- 1990नलिनी रंजन सिंह (JD), जीत का अंतर 7.1%
- 1995मुफ़्ती मोहम्मद कासिम (JD), जीत का अंतर 56.8%
- 2000गुलाम जिलानी वारसी (RJD), जीत का अंतर 10.3%
- 2005 (फ़रवरी)अजीत कुमार (LJP), जीत का अंतर 4.1%
- 2005 (अक्टूबर)अजीत कुमार (JD(U)), जीत का अंतर 10.3%