हुसैनाबादविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
दशरथ कुमार सिंह (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 23.9% वोट पाकर हुसैनाबाद सीट जीती और वीरेन्द्र सिंह (JD) को 163 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 324 नहीं थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 324 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
हुसैनाबाद का फ़ैसला सिर्फ़ 0.2% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 163 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
25 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दशरथ कुमार सिंह | 16,21023.9% | |
| 2 | वीरेन्द्र सिंह राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 16,04723.7% |
| 3 | प्रेम शंकर सिंह | 10,76515.9% | |
| 4 | औरंगज़ेब खान वाम दल | वाम दल | 8,45212.5% |
| 5 | अक्षय कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,2914.9% |
| 6 | जगदीश प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5093.7% |
| 7 | शिव प्रसाद मेहता निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5162.2% |
| 8 | रामवृक्ष मस्ताना निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4042.1% |
| 9 | राम चरित्तर राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1811.7% |
| 10 | शम्भू प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1421.7% |
| 11 | सचेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 9661.4% |
| 12 | राजा राम | 8951.3% | |
| 13 | जफर हुसैन LKD(B) | LKD(B) | 4580.7% |
| 14 | गरीबन राम | 4530.7% | |
| 15 | हनीफ मियां निर्दलीय | निर्दलीय | 4160.6% |
| 16 | रामू प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 3350.5% |
| 17 | मोहम्मद नायर आज़म निर्दलीय | निर्दलीय | 3310.5% |
| 18 | नूर मोहम्मद निर्दलीय | निर्दलीय | 3150.5% |
| 19 | गुलाम हुसैन खान निर्दलीय | निर्दलीय | 2400.3% |
| 20 | संतोष सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2190.3% |
| 21 | हीरा प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2140.3% |
| 22 | अभिमन्यु सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1230.2% |
| 23 | त्रिवेणी प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1200.2% |
| 24 | विशुन महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 870.1% |
| 25 | गुरु साय निर्दलीय | निर्दलीय | 670.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 63% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.25 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हुसैनाबाद से कौन जीता, 1977–2000
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 47.7% से बढ़कर 48.6% हो गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।