तोरपाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
निरल एनेम होरो (JKD) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 44.0% वोट पाकर तोरपा सीट जीती और लियंडर तिड़ू (INC) को 11,035 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 302 कांके थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 302 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — निरल एनेम होरो 19.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | निरल एनेम होरो JKD | JKD | 24,57144.0% |
| 2 | लियंडर तिड़ू | 13,53624.2% | |
| 3 | सोमा मुण्डा | 12,90823.1% | |
| 4 | पतरस मुण्डा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4792.6% |
| 5 | सुधीर गुड़िया राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 1,1582.1% |
| 6 | एम.पी. कोंगरी | 1,0111.8% | |
| 7 | धुरन मुण्डा | 6401.1% | |
| 8 | प्रेम प्रकाश तोपनो निर्दलीय | निर्दलीय | 5831.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.26 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
तोरपा से कौन जीता, 1977–2000
JKD ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; JKD ने यहाँ पिछली बार 1977 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1985 के 45.4% से बढ़कर 50.0% हो गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में यह सीट JKP ने जीती।