मझगांवविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
देवेन्द्र नाथ चाम्पिया (INC) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 28.1% वोट पाकर मझगांव सीट जीती और गोवर्धन नायक (JD) को 3,773 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 296 तमाड़ थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 296 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | देवेन्द्र नाथ चाम्पिया | 12,95528.1% | |
| 2 | गोवर्धन नायक राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 9,18219.9% |
| 3 | जम्बीरा पुरती निर्दलीय | निर्दलीय | 6,06013.1% |
| 4 | दुलमू कालुन्डिया | 3,2657.1% | |
| 5 | जनार्दन अल्डा निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9886.5% |
| 6 | सोना राम सिरका निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4145.2% |
| 7 | शिव चरण होनहागा निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3005.0% |
| 8 | तरनी शंकर बिरुवा | 2,0714.5% | |
| 9 | घनश्याम हेम्ब्रम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1482.5% |
| 10 | दीपक बिरुवा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1062.4% |
| 11 | शंकर सुन्डी निर्दलीय | निर्दलीय | 9812.1% |
| 12 | सतारी बानरा निर्दलीय | निर्दलीय | 8521.9% |
| 13 | नरेन्द्र डिगी निर्दलीय | निर्दलीय | 8491.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 61% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.48 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मझगांव से कौन जीता, 1977–2000
INC ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 35.9% से घटकर 28.1% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 35.3% से बढ़कर 38.5% हो गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।