बरौलीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
ध्रुव नाथ चौधरी (निर्दलीय) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 23.8% वोट पाकर बरौली सीट जीती और राम प्रवेश राय (JNP(JP)) को 811 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 25 भोरे थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 25 परिहार है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
बरौली का फ़ैसला सिर्फ़ 0.8% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 811 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
25 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ध्रुव नाथ चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 23,65223.8% |
| 2 | राम प्रवेश राय JNP(JP) | JNP(JP) | 22,84123.0% |
| 3 | मैनुद्दीन अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 10,90611.0% |
| 4 | महमद अदनान खान | 9,0249.1% | |
| 5 | मदन किशोर उपाध्याय | 6,6736.7% | |
| 6 | एम.ए. सिद्दीक राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 5,8705.9% |
| 7 | सखी चन्द्र प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 4,2334.3% |
| 8 | अच्छे लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4,0224.0% |
| 9 | गयासुद्दीन | 3,2143.2% | |
| 10 | प्रमोद कुमार प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4501.5% |
| 11 | अशोक कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3751.4% |
| 12 | मोहम्मद रसूल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1311.1% |
| 13 | सत्य नारायण उपाध्याय वाम दल | वाम दल | 1,1141.1% |
| 14 | ददन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 9951.0% |
| 15 | मनोज कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 6590.7% |
| 16 | रमजान अली निर्दलीय | निर्दलीय | 4270.4% |
| 17 | नन्द किशोर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 4050.4% |
| 18 | बच्चा भगत | 3770.4% | |
| 19 | सिकन्दर प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2630.3% |
| 20 | हरेंद्र प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2520.3% |
| 21 | फ़ाज़िल हुसैन निर्दलीय | निर्दलीय | 1320.1% |
| 22 | ताज महमद निर्दलीय | निर्दलीय | 1060.1% |
| 23 | झगरू प्रसाद गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 910.1% |
| 24 | राणा प्रताप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 700.1% |
| 25 | शौकत अली निर्दलीय | निर्दलीय | 690.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 58% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.98 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बरौली से कौन जीता, 1977–2005
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 48.0% से बढ़कर 66.1% हो गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।
- 1977अब्दुल ग़फ़ूर (INC), जीत का अंतर 12.0%
- 1980अब्दुल ग़फ़ूर (INC(U)), जीत का अंतर 23.7%
- 1985अदनान खान (INC), जीत का अंतर 12.3%
- 1990ध्रुव नाथ चौधरी (IND), जीत का अंतर 0.8%
- 1995एम. नेमतुल्लाह (JD), जीत का अंतर 19.5%
- 2000राम प्रवेश राय (BJP), जीत का अंतर 8.4%
- 2005 (फ़रवरी)रामप्रवेश राय (BJP), जीत का अंतर 5.7%
- 2005 (अक्टूबर)राम प्रवेश राय (BJP), जीत का अंतर 1.2%