भागलपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
बिजय कुमार मित्र (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 42.8% वोट पाकर भागलपुर सीट जीती और इस्माइल खान (INC) को 22,137 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 168 कटोरिया थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 168 जमालपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — बिजय कुमार मित्र 23.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
32 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बिजय कुमार मित्र | 41,00042.8% | |
| 2 | इस्माइल खान | 18,86319.7% | |
| 3 | बंसरशी गुप्ता राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 16,27817.0% |
| 4 | अरुण कु मिश्रा वाम दल | वाम दल | 5,3135.5% |
| 5 | ओम प्रकाश साह LKD(B) | LKD(B) | 2,2282.3% |
| 6 | अमर कुमार सिंह ABJS | ABJS | 2,0842.2% |
| 7 | असलम IML | IML | 1,6711.7% |
| 8 | राजेन्द्र प्र. पाण्डेय | 1,5211.6% | |
| 9 | रतन कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3601.4% |
| 10 | गुलसम हुसैन ICS(SCS) | ICS(SCS) | 1,1761.2% |
| 11 | विन्देश्वरी प्र. सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1241.2% |
| 12 | अर्जुन प्रसाद IPF | IPF | 5760.6% |
| 13 | विनोदा सिंह JNP(JP) | JNP(JP) | 3570.4% |
| 14 | गिरधारी शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 3360.3% |
| 15 | हसुपति नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 2350.3% |
| 16 | नागरमा बजोरिया | 2040.2% | |
| 17 | नवेदित वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1970.2% |
| 18 | आनन्द कुमार जैन निर्दलीय | निर्दलीय | 1970.2% |
| 19 | प्रदीप कुमार लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1690.2% |
| 20 | कुमार राजेश निर्दलीय | निर्दलीय | 1670.2% |
| 21 | प्रदीप कुमार जैन निर्दलीय | निर्दलीय | 1530.2% |
| 22 | राम चन्द्र पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 920.1% |
| 23 | वीर चन्द जैन निर्दलीय | निर्दलीय | 740.1% |
| 24 | विजय चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 650.1% |
| 25 | आबिद निर्दलीय | निर्दलीय | 620.1% |
| 26 | हेम कांत झा DBM | DBM | 600.1% |
| 27 | राकेश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 530.1% |
| 28 | देव नारायण मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 440.1% |
| 29 | राम चन्द्र झा निर्दलीय | निर्दलीय | 430.0% |
| 30 | इकबाल प्रारूख निर्दलीय | निर्दलीय | 300.0% |
| 31 | नरेश प्रसाद साह निर्दलीय | निर्दलीय | 250.0% |
| 32 | राम शेख सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 230.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.90 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
भागलपुर से कौन जीता, 1977–2000
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 61.4% से घटकर 54.1% रह गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।