नाथनगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
सुधा श्रीवास्तव (JD) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 25.3% वोट पाकर नाथनगर सीट जीती और कामेश्वर यादव (HMS) को 9,097 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 167 बेलहर थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 167 मुंगेर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
27 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुधा श्रीवास्तव राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 26,87725.3% |
| 2 | कामेश्वर यादव | 17,78016.8% | |
| 3 | इश्तियाक अली निर्दलीय | निर्दलीय | 14,90914.1% |
| 4 | सतीश चन्द्र सिन्हा | 14,55413.7% | |
| 5 | रतन कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 6,7776.4% |
| 6 | जनार्धन प्र. यादव | 4,8934.6% | |
| 7 | रघुवंश मणि यादव LKD(B) | LKD(B) | 4,3064.1% |
| 8 | कान्त लाल मंडल ABJS | ABJS | 3,4493.3% |
| 9 | विश्वनाथ सिंह ICS(SCS) | ICS(SCS) | 2,6932.5% |
| 10 | बिशनदेव हरिजन JNP(JP) | JNP(JP) | 2,1682.0% |
| 11 | शिवा कान्त झा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4891.4% |
| 12 | ब्रज मोहन मंडल | 1,2961.2% | |
| 13 | सिकंदरा जमाला IP | IP | 9810.9% |
| 14 | सरयुग यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 9630.9% |
| 15 | शोभन कान्त मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 8300.8% |
| 16 | कृष्णनंदन यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 6350.6% |
| 17 | गुलाब रसूल निर्दलीय | निर्दलीय | 2680.3% |
| 18 | सुधीर चन्द्र झा निर्दलीय | निर्दलीय | 2330.2% |
| 19 | अनिल मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 2300.2% |
| 20 | खालिद रेजा निर्दलीय | निर्दलीय | 2230.2% |
| 21 | साह अफरोज हुसैन निर्दलीय | निर्दलीय | 1450.1% |
| 22 | कमलेश्वरी सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 970.1% |
| 23 | राधा प्र. साह निर्दलीय | निर्दलीय | 690.1% |
| 24 | समसुद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 660.1% |
| 25 | वसी अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 620.1% |
| 26 | श्याम किशोर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 460.0% |
| 27 | राम लखन तांती निर्दलीय | निर्दलीय | 350.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 56% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 7.07 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नाथनगर से कौन जीता, 1977–2000
JD ने यह सीट LKD से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 60.7% से बढ़कर 62.2% हो गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में भी JD ने यह सीट अपने पास रखी।