कदवाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
अब्दुल जलील (निर्दलीय) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 27.1% वोट पाकर कदवा सीट जीती और भोला राय (BJP) को 2,665 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 143 पकपुरा थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 143 तेघड़ा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। अब्दुल जलील 3.1% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
22 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अब्दुल जलील निर्दलीय | निर्दलीय | 23,14527.1% |
| 2 | भोला राय | 20,48024.0% | |
| 3 | उस्मान गणी | 11,76113.8% | |
| 4 | मो. अयूब राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 6,9298.1% |
| 5 | हिमराज सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6,6377.8% |
| 6 | योगेंद्र बिद्यार्थी निर्दलीय | निर्दलीय | 4,3865.1% |
| 7 | कृत्या नन्द बिस्वास निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0782.4% |
| 8 | रामेश्वर राय निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4581.7% |
| 9 | अली रजा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3151.5% |
| 10 | मंगन इंसान निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2851.5% |
| 11 | जितेन्द्र कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1091.3% |
| 12 | युनुस निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0931.3% |
| 13 | भोला नाथ भगत निर्दलीय | निर्दलीय | 8921.1% |
| 14 | मृत्युंजय सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6140.7% |
| 15 | रबीन्द्र कुमार ठाकुर निर्दलीय | निर्दलीय | 5330.6% |
| 16 | मो. अताउर रहमान निर्दलीय | निर्दलीय | 4640.5% |
| 17 | उदेश्वर प्रसाद दास निर्दलीय | निर्दलीय | 4300.5% |
| 18 | राम नाथ सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3280.4% |
| 19 | जाकिर अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 1190.1% |
| 20 | राकेश कुमार चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1190.1% |
| 21 | राम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 780.1% |
| 22 | महबूब आलम निर्दलीय | निर्दलीय | 330.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 65% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.97 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कदवा से कौन जीता, 1977–2005
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1985 के 58.4% से बढ़कर 61.3% हो गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1977खाजा साहिद हुसैन (IND), जीत का अंतर 16.2%
- 1980मंगन इंसान (IND), जीत का अंतर 0.1%
- 1985उस्मान गनी (INC), जीत का अंतर 40.0%
- 1990अब्दुल जलील (IND), जीत का अंतर 3.1%
- 1995भोला राय (BJP), जीत का अंतर 2.9%
- 2000हिमराज सिंह (IND), जीत का अंतर 7.0%
- 2005 (फ़रवरी)अब्दुल जलील (NCP), जीत का अंतर 18.8%
- 2005 (अक्टूबर)अब्दुल जलील (NCP), जीत का अंतर 11.2%