अररियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
विनोद कु राय (निर्दलीय) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 17.2% वोट पाकर अररिया सीट जीती और नन्द किशोर मंडल (निर्दलीय) को 223 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 130 जोकीहाट थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 130 पातेपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
अररिया का फ़ैसला सिर्फ़ 0.2% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 223 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
18 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | विनोद कु राय निर्दलीय | निर्दलीय | 15,85917.2% |
| 2 | नन्द किशोर मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 15,63616.9% |
| 3 | कमल एन. यादव राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 13,28214.4% |
| 4 | श्रीदेव झा | 12,95214.0% | |
| 5 | बद्रीनाथ भगत निर्दलीय | निर्दलीय | 8,2498.9% |
| 6 | अलीमुद्दीन JNP(JP) | JNP(JP) | 7,0227.6% |
| 7 | राधाकांत ठाकुर | 5,7036.2% | |
| 8 | जाबेद आलम निर्दलीय | निर्दलीय | 5,0765.5% |
| 9 | नसीम अख्तर निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3912.6% |
| 10 | मोजिब अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4311.6% |
| 11 | हेमसुंदर झा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1221.2% |
| 12 | लाल चन्द सहनी SOP(L) | SOP(L) | 9841.1% |
| 13 | तस्लीमुद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 8260.9% |
| 14 | शफी अहमद राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 6800.7% |
| 15 | तस्लीम निर्दलीय | निर्दलीय | 3500.4% |
| 16 | राम नारायण पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 2760.3% |
| 17 | अब्बास निर्दलीय | निर्दलीय | 2550.3% |
| 18 | रजा हसन निर्दलीय | निर्दलीय | 1370.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 49% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 8.29 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अररिया से कौन जीता, 1977–2005
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 61.0% से बढ़कर 62.3% हो गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में यह सीट BPP ने जीती।
- 1977श्रीदेव झा (INC), जीत का अंतर 9.1%
- 1980मो. तसलीमुद्दीन (JNP(SC)), जीत का अंतर 14.6%
- 1985हलीमुद्दीन अहमद (INC), जीत का अंतर 1.5%
- 1990विनोद कु राय (IND), जीत का अंतर 0.2%
- 1995विजय कुमार मंडल (BPP), जीत का अंतर 5.7%
- 2000बिजय कुमार मंडल (IND), जीत का अंतर 0.6%
- 2005 (फ़रवरी)प्रदीप कुमार सिंह (BJP), जीत का अंतर 0.6%
- 2005 (अक्टूबर)प्रदीप कुमार सिंह (BJP), जीत का अंतर 2.9%