मोतिहारीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
त्रिवेणी तिवारी (CPI) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 28.9% वोट पाकर मोतिहारी सीट जीती और लक्ष्मण प्रसाद (BJP) को 1,085 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 12 का नाम मोतिहारी था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 12 नरकटिया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
मोतिहारी का फ़ैसला सिर्फ़ 1.2% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,085 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
33 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | त्रिवेणी तिवारी वाम दल | वाम दल | 26,28028.9% |
| 2 | लक्ष्मण प्रसाद | 25,19527.7% | |
| 3 | सत्यदेव प्रसाद चौधरी | 12,65413.9% | |
| 4 | ब्रज मोहन मिश्रा JNP(JP) | JNP(JP) | 5,5506.1% |
| 5 | विभूति ना. सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4,5595.0% |
| 6 | सलाउद्दीन खान निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4832.7% |
| 7 | रामजी प्रसाद शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0782.3% |
| 8 | जितेन्द्र प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2911.4% |
| 9 | नरेन्द्र सिंह | 1,1471.3% | |
| 10 | शिव नन्दन चौधरी LKD(B) | LKD(B) | 1,0731.2% |
| 11 | रामावतार प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8180.9% |
| 12 | राम करण चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 7910.9% |
| 13 | सतीश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 7880.9% |
| 14 | शिव कुमार श्रीवास्तव निर्दलीय | निर्दलीय | 7090.8% |
| 15 | लाल बहादुर साह निर्दलीय | निर्दलीय | 6930.8% |
| 16 | दिनेश्वर प्रदाद निर्दलीय | निर्दलीय | 6730.7% |
| 17 | कश्यप कुमार ICS(SCS) | ICS(SCS) | 5430.6% |
| 18 | विश्वनाथ सहनी निर्दलीय | निर्दलीय | 5360.6% |
| 19 | राम बहादुर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 4520.5% |
| 20 | घन श्याम प्रसाद | 3870.4% | |
| 21 | जगदीश चन्द्र पूर्वे निर्दलीय | निर्दलीय | 3350.4% |
| 22 | दरोगा ला चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 3290.4% |
| 23 | विश्वनाथ सम्राट निर्दलीय | निर्दलीय | 2940.3% |
| 24 | कृष्ण कुमार BBP | BBP | 2370.3% |
| 25 | ध्रुव नारायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1920.2% |
| 26 | नगीना सहनी निर्दलीय | निर्दलीय | 1880.2% |
| 27 | शत्रुघन कु श्रीवास्तव निर्दलीय | निर्दलीय | 1400.1% |
| 28 | महमद इसराक निर्दलीय | निर्दलीय | 1200.1% |
| 29 | अरुण भोले निर्दलीय | निर्दलीय | 1000.1% |
| 30 | अभय कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 840.1% |
| 31 | धर्मवीर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 810.1% |
| 32 | इन्द्र शेखर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 770.1% |
| 33 | शैलेन्द्र कुमार मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 700.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 71% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.31 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मोतिहारी से कौन जीता, 1977–2005
CPI ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 40.8% से घटकर 28.9% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 51.2% से घटकर 49.2% रह गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में भी CPI ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977प्रभावती गुप्ता (INC), जीत का अंतर 29.8%
- 1980प्रभावती गुप्ता (INC(I)), जीत का अंतर 2.2%
- 1985त्रिवेणी तिवारी (CPI), जीत का अंतर 24.8%
- 1990त्रिवेणी तिवारी (CPI), जीत का अंतर 1.2%
- 1995त्रिवेणी तिवारी (CPI), जीत का अंतर 16.5%
- 2000रामा देवी (RJD), जीत का अंतर 25.4%
- 2005 (फ़रवरी)प्रमोद कुमार (BJP), जीत का अंतर 10.9%
- 2005 (अक्टूबर)प्रमोद कुमार (BJP), जीत का अंतर 16.7%