छातापुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
योगेन्द्र ना. सरदार (JD) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 59.6% वोट पाकर छातापुर सीट जीती और कुंभ ना. सरदार (INC) को 24,023 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 114 सोनबरसा थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 114 मांझी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — योगेन्द्र ना. सरदार 24.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | योगेन्द्र ना. सरदार राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 57,72159.6% |
| 2 | कुंभ ना. सरदार | 33,69834.8% | |
| 3 | जगदेव राम वाम दल | वाम दल | 4,2274.4% |
| 4 | रामशरण राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3740.4% |
| 5 | हरि लाल पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 2750.3% |
| 6 | रेशमी देवी BKUS | BKUS | 2550.3% |
| 7 | योगेन्द्र सरदार निर्दलीय | निर्दलीय | 2510.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JD और INC को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.09 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
छातापुर से कौन जीता, 1977–2005
JD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 64.5% से बढ़कर 68.2% हो गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में भी JD ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977सीताराम पासवान (JNP), जीत का अंतर 32.7%
- 1980कुंभ नारायण सरदार (INC(I)), जीत का अंतर 23.2%
- 1985कुंभ ना. सरदार (INC), जीत का अंतर 9.2%
- 1990योगेन्द्र ना. सरदार (JD), जीत का अंतर 24.8%
- 1995विश्व मोहन भारती (JD), जीत का अंतर 8.0%
- 2000गीता देवी (RJD), जीत का अंतर 3.1%
- 2005 (फ़रवरी)महेन्द्र नारायण सरदार (RJD), जीत का अंतर 1.7%
- 2005 (अक्टूबर)विश्व मोहन भारती (JD(U)), जीत का अंतर 14.4%