तोरपाविधान सभा उपचुनाव का परिणाम, 1970
बी.एस., मुण्डा (निर्दलीय) ने 1970 के विधान सभा उपचुनाव में 48.8% वोट पाकर तोरपा सीट जीती और के. पाहन (BJS) को 4,428 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 297 सोनाहातू थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 297 जगन्नाथपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — बी.एस., मुण्डा 15.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बी.एस., मुण्डा निर्दलीय | निर्दलीय | 13,79748.8% |
| 2 | के. पाहन | 9,36933.1% | |
| 3 | जी.ए. फूलचंद निर्दलीय | निर्दलीय | 2,7529.7% |
| 4 | के. क्रिस्टानंद JKP | JKP | 2,1387.6% |
| 5 | तोपनो निर्दलीय | निर्दलीय | 2280.8% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय, BJS और एक निर्दलीय को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.76 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1977 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1977 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।