रांचीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1962
बीरेन्द्र नाथ राय (INC) ने 1962 के विधान सभा चुनाव में 47.6% वोट पाकर रांची सीट जीती और बिष्णु दत्त साहू (JHP) को 6,088 वोटों से हराया।
1962 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 में कोई सीट नंबर 298 नहीं थी। 1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 298 खूंटी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — बीरेन्द्र नाथ राय 21.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बीरेन्द्र नाथ राय | 13,76147.6% | |
| 2 | बिष्णु दत्त साहू JHP | JHP | 7,67326.5% |
| 3 | कुलदीप सहाय | 2,0957.2% | |
| 4 | समरुल हक निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0267.0% |
| 5 | अब्दुल रऊफ अंसारी स्वतंत्र पार्टी | स्वतंत्र पार्टी | 1,7676.1% |
| 6 | इग्नेस कुजूर निर्दलीय | निर्दलीय | 7642.6% |
| 7 | बैजनाथ राम उराँव निर्दलीय | निर्दलीय | 2420.8% |
| 8 | मोहिउद्दीन अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 2110.7% |
| 9 | हरिदास सिंह देव निर्दलीय | निर्दलीय | 1670.6% |
| 10 | महेन्द्र प्रसाद पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 1200.4% |
| 11 | जनक किशोर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 990.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 81% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.21 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1977 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1977 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।