बिहार 1962 के नक्शे पर वापस जाएँ
बिहार · विधान सभा सीट नंबर 295

चांडिल पूर्वविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1962

प्रभात कुमार आदित्य देब (SWA) ने 1962 के विधान सभा चुनाव में 40.8% वोट पाकर चांडिल पूर्व सीट जीती और गोवर्धन महतो (निर्दलीय) को 3,989 वोटों से हराया।

1962 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 में कोई सीट नंबर 295 नहीं थी। 1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 295 खरसावां है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।

विजेता

प्रभात कुमार आदित्य देब
SWA· स्वतंत्र पार्टी
SWA 40.8%निर्दलीय 22.3%8 अन्य 36.9%
मिले वोट
8,787
मतों का 40.8%
जीत का अंतर
3,989
कुल वोटों का 18.5%
उम्मीदवार
10
मतदान प्रतिशत
38.4%
55,984 मतदाताओं में से

सुरक्षित अंतर से जीत — प्रभात कुमार आदित्य देब 18.5% से जीते।

सीट का इतिहास

सभी उम्मीदवार

10 उम्मीदवार
#उम्मीदवारपार्टीमिले वोट · %
1
प्रभात कुमार आदित्य देब
स्वतंत्र पार्टी
स्वतंत्र पार्टी
8,78740.8%
2
गोवर्धन महतो
निर्दलीय
निर्दलीय
4,79822.3%
3
धनंजय महतो
3,85317.9%
4
शिबराम महतो
निर्दलीय
निर्दलीय
1,1395.3%
5
भागीरथ लाल तोसावाड़
JHP
JHP
9154.3%
6
जगबंधु गोप
निर्दलीय
निर्दलीय
5662.6%
7
राजकिशोर सिंह सरदार
निर्दलीय
निर्दलीय
5032.3%
8
सीताराम सुल्तानिया
निर्दलीय
निर्दलीय
4222.0%
9
घनश्याम महतो
निर्दलीय
निर्दलीय
4181.9%
10
हाँसदा हालदार
निर्दलीय
निर्दलीय
1140.5%

परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।

सीट का इतिहास लोड हो रहा है…

यह सीट कितनी पक्की है?

इस सीट के आंकड़े
18.5%

जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में

कितने लोगों ने वोट डाला?

इस सीट के आंकड़े
38%

पंजीकृत मतदाताओं में से

कमज़्यादा

मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?

इस सीट के आंकड़े
कई दावेदारों वाला मुक़ाबला

सबसे आगे के तीन दलों को 81% वोट मिले।

मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.92

सदन में किसके पास कितनी सीटें?

इस सीट के आंकड़े
318 सीटें · बहुमत का आँकड़ा 160

वोट किस तरह बँटे?

इस सीट के आंकड़े
40.8%SWA की जीत
SWA 40.8%निर्दलीय 22.3%INC 17.9%निर्दलीय 5.3%अन्य 13.6%

यह सीट नंबर 1977 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1977 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।

राज्य के आँकड़े पूछें

RBI 2024-25

ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।