मखदुमपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1957
मिथिलेश्वर प्रसाद सिंह (INC) ने 1957 के विधान सभा चुनाव में 39.3% वोट पाकर मखदुमपुर सीट जीती और शैल कुमारी (निर्दलीय) को 5,929 वोटों से हराया।
1957 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1951 में सीट नंबर 199 फारबिसगंज थी। 1957 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 से सीट नंबर 199 हिलसा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मिथिलेश्वर प्रसाद सिंह 24.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मिथिलेश्वर प्रसाद सिंह | 9,41239.3% | |
| 2 | शैल कुमारी निर्दलीय | निर्दलीय | 3,48314.6% |
| 3 | रामानुग्रह नारायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,04912.7% |
| 4 | रामबरात गोप निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1308.9% |
| 5 | राम जतन महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0248.5% |
| 6 | प्रयाग नारायण सिंह | 1,8107.6% | |
| 7 | देवलाल सिंह यादव CNPSPJP | CNPSPJP | 1,1014.6% |
| 8 | रामभजन शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 9203.8% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 67% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.62 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।