सासारामविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1957
1957 के विधान सभा चुनाव में सासाराम से 2 सदस्य चुने गए: बिपिन बिहारी सिन्हा (PSP) और रामाधार दुसाध (PSP)।
1957 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1951 में सीट नंबर 189 पीरपैंती थी। 1957 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 से सीट नंबर 189 तेघड़ा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। बिपिन बिहारी सिन्हा 3.5% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बिपिन बिहारी सिन्हा | 28,90824.7% | |
| 2 | जगन्नाथ सिंह | 24,87421.3% | |
| 3 | रामाधार दुसाध | 19,85717.0% | |
| 4 | श्री गोविन्द चमार | 15,39913.2% | |
| 5 | रामबचन महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 8,8427.6% |
| 6 | सहदेव प्रसाद चौधरी | 8,5857.3% | |
| 7 | जीत नारायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7,9606.8% |
| 8 | चतुर्गुण दुसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4902.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.92 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।