डुमराँवविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1957
गंगा प्रसाद सिंह (INC) ने 1957 के विधान सभा चुनाव में 25.3% वोट पाकर डुमराँव सीट जीती और विश्वनाथ प्रसाद सिंह (CNPSPJP) को 759 वोटों से हराया।
1957 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1951 में सीट नंबर 183 भागलपुर टाउन थी। 1957 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 से सीट नंबर 183 अलौली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। गंगा प्रसाद सिंह 2.6% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गंगा प्रसाद सिंह | 7,42725.3% | |
| 2 | विश्वनाथ प्रसाद सिंह CNPSPJP | CNPSPJP | 6,66822.7% |
| 3 | सरदार हरिहर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6,42721.9% |
| 4 | यमुना प्रसाद लाल | 3,32311.3% | |
| 5 | छोटक सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3778.1% |
| 6 | जगदीश प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7886.1% |
| 7 | नन्द बिहारी दुबे निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3804.7% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 70% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.31 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।