मसौढ़ीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1957
1957 के विधान सभा चुनाव में मसौढ़ी से 2 सदस्य चुने गए: नवल किशोर सिंह (INC) और सरस्वती चौधरी (INC)।
1957 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1951 में सीट नंबर 169 Bakhtiarpur and Chautham थी। 1957 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 से सीट नंबर 169 झाझा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — नवल किशोर सिंह 16.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नवल किशोर सिंह | 25,90430.7% | |
| 2 | सरस्वती चौधरी | 21,34725.3% | |
| 3 | राम नन्दन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 12,21414.5% |
| 4 | महाबीर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 9,17510.9% |
| 5 | श्याम नन्दन सिंह | 5,1496.1% | |
| 6 | राम प्रसाद | 5,1236.1% | |
| 7 | द्वारका प्रसाद CNPSPJP | CNPSPJP | 3,6154.3% |
| 8 | शम्भू नाथ सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8952.2% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 83% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.99 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।