लिट्टीपाड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1957
रामचरण किस्कू (JHP) ने 1957 के विधान सभा चुनाव में 52.5% वोट पाकर लिट्टीपाड़ा सीट जीती और लोडगा मुर्मू (INC) को 4,884 वोटों से हराया।
1957 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1951 में सीट नंबर 121 मुजफ्फरपुर टाउन थी। 1957 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 से सीट नंबर 121 बनमनखी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — रामचरण किस्कू 35.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रामचरण किस्कू JHP | JHP | 7,23652.5% |
| 2 | लोडगा मुर्मू | 2,35217.1% | |
| 3 | सावना मल पहाड़िया निर्दलीय | निर्दलीय | 2,24416.3% |
| 4 | जुर्गा किस्कू निर्दलीय | निर्दलीय | 1,40410.2% |
| 5 | रामनारायण हाँसदा निर्दलीय | निर्दलीय | 3482.5% |
| 6 | डोनाल्ड निमू किस्कू निर्दलीय | निर्दलीय | 1921.4% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JHP, INC और एक निर्दलीय को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.92 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।