गोविन्दगंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
शिवधारी पाण्डेय (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 37.8% वोट पाकर गोविन्दगंज सीट जीती और रामदेव आरसी (निर्दलीय) को 3,278 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 96 प्रतापगंज है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — शिवधारी पाण्डेय 16.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शिवधारी पाण्डेय | 7,70837.8% | |
| 2 | रामदेव आरसी निर्दलीय | निर्दलीय | 4,43021.7% |
| 3 | शिवशंकर गिर | 2,53712.4% | |
| 4 | देवी सिन्हा UKS | UKS | 2,20710.8% |
| 5 | सारडा प्रसाद मिसिर | 1,3856.8% | |
| 6 | भिरगू राय आश्रम मिसिर निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1845.8% |
| 7 | सारडा कान्त सरन प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 9314.6% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 72% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.39 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।