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बिहार · विधान सभा सीट नंबर 79

दिघवाराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52

राम बिनोद सिंह (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 30.0% वोट पाकर दिघवारा सीट जीती और केदार नाथ तिवारी (निर्दलीय) को 1,153 वोटों से हराया।

1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 79 बहेड़ा दक्षिण है।

विजेता

राम बिनोद सिंह
INC 30.0%निर्दलीय 23.2%5 अन्य 46.8%
मिले वोट
5,118
मतों का 30.0%
जीत का अंतर
1,153
कुल वोटों का 6.8%
उम्मीदवार
7
मतदान प्रतिशत
38.6%
44,267 मतदाताओं में से

6.8% के अंतर से साफ़ जीत।

सीट का इतिहास

सभी उम्मीदवार

7 उम्मीदवार
#उम्मीदवारपार्टीमिले वोट · %
1
राम बिनोद सिंह
5,11830.0%
2
केदार नाथ तिवारी
निर्दलीय
निर्दलीय
3,96523.2%
3
जमुना प्रसाद साह
निर्दलीय
निर्दलीय
3,03817.8%
4
हीरा लाल सराफ
निर्दलीय
निर्दलीय
2,16612.7%
5
राम नारायण सिंह
SP
SP
2,14712.6%
6
श्रवण सिंह
निर्दलीय
निर्दलीय
3622.1%
7
श्याम सुन्दर प्रसाद
निर्दलीय
निर्दलीय
2831.7%

परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।

सीट का इतिहास लोड हो रहा है…

यह सीट कितनी पक्की है?

इस सीट के आंकड़े
6.8%

जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में

कितने लोगों ने वोट डाला?

इस सीट के आंकड़े
39%

पंजीकृत मतदाताओं में से

कमज़्यादा

मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?

इस सीट के आंकड़े
कई दावेदारों वाला मुक़ाबला

सबसे आगे के तीन दलों को 71% वोट मिले।

मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.81

सदन में किसके पास कितनी सीटें?

इस सीट के आंकड़े
330 सीटें · बहुमत का आँकड़ा 166

वोट किस तरह बँटे?

इस सीट के आंकड़े
30.0%INC की जीत
INC 30.0%निर्दलीय 23.2%निर्दलीय 17.8%निर्दलीय 12.7%SP 12.6%अन्य 3.8%

यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।

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RBI 2024-25

ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।