छपरा टाउनविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
मुरली मनोहर प्रसाद (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 42.0% वोट पाकर छपरा टाउन सीट जीती और नागेश्वर प्रसाद (निर्दलीय) को 5,196 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 76 फुलपरास है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मुरली मनोहर प्रसाद 23.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मुरली मनोहर प्रसाद | 9,32642.0% | |
| 2 | नागेश्वर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 4,13018.6% |
| 3 | कुमार हरि सुरेन्द्र प्रसाद सही निर्दलीय | निर्दलीय | 3,04613.7% |
| 4 | त्रिभुवन प्रसाद SP | SP | 2,97113.4% |
| 5 | रामेश्वर ब्रह्मचारी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3306.0% |
| 6 | पशुपति सिंह KMPP | KMPP | 9034.1% |
| 7 | गंगा प्रसाद सिन्हा निर्दलीय | निर्दलीय | 4882.2% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 74% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.94 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।