बक्सरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
लक्ष्मी कान्त तिवारी (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 22.0% वोट पाकर बक्सर सीट जीती और शिव प्रसाद सिंह (निर्दलीय) को 1,130 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 47 लालगंज दक्षिण है।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। लक्ष्मी कान्त तिवारी 5.0% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | लक्ष्मी कान्त तिवारी | 4,99522.0% | |
| 2 | शिव प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,86517.1% |
| 3 | केशो मिश्रा मास्टर निर्दलीय | निर्दलीय | 2,73712.1% |
| 4 | राम सुभग पाण्डेय | 2,64811.7% | |
| 5 | काली प्रसाद सिंह | 2,28510.1% | |
| 6 | राम नरेश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2429.9% |
| 7 | उमानाथ चौबे SP | SP | 1,7667.8% |
| 8 | बिष्णु दत्त शर्मा RRP | RRP | 8663.8% |
| 9 | राजेन्द्र प्रसाद ओझा KMPP | KMPP | 7813.5% |
| 10 | राम नरेश राम निर्दलीय | निर्दलीय | 4832.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 51% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 7.41 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।