इटाढ़ीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
राजा राम आर्य (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 36.2% वोट पाकर इटाढ़ी सीट जीती और सूरज प्रसाद (निर्दलीय) को 2,417 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 46 महुआ है।
विजेता
9.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राजा राम आर्य | 9,06036.2% | |
| 2 | सूरज प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 6,64326.6% |
| 3 | राम भगवान दुबे | 2,88211.5% | |
| 4 | परमानन्द पाठक KMPP | KMPP | 1,6546.6% |
| 5 | चन्द्र शेखर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5596.2% |
| 6 | जानकी सरन लाल SP | SP | 1,5256.1% |
| 7 | मदनलाल सराफ | 9944.0% | |
| 8 | भागवत राय निर्दलीय | निर्दलीय | 6882.8% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 74% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.36 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।