रामगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
राम चन्द्र राय (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 23.8% वोट पाकर रामगढ़ सीट जीती और दशरथ तिवारी (SP) को 1,808 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 45 पातेपुर है।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। राम चन्द्र राय 4.9% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राम चन्द्र राय | 8,78423.8% | |
| 2 | दशरथ तिवारी SP | SP | 6,97618.9% |
| 3 | छबि नाथ सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5,99416.3% |
| 4 | बिश्ननाथ राय निर्दलीय | निर्दलीय | 3,3419.1% |
| 5 | राजेन्द्र सिंह RRP | RRP | 2,9328.0% |
| 6 | अवधेश कुमार पाण्डेय KMPP | KMPP | 2,2106.0% |
| 7 | श्योदत नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0645.6% |
| 8 | सुमनजी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8425.0% |
| 9 | रामनंदन गुप्ता | 1,5844.3% | |
| 10 | सूर्य नारायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1193.0% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 59% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.86 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।