पटना शहर पूर्वविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
नवाबजादा सैयद मोहम्मद मेंहदी (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 49.6% वोट पाकर पटना शहर पूर्व सीट जीती और रामेश्वर प्रसाद गुप्ता (SP) को 8,599 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 4 सिकटा है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — नवाबजादा सैयद मोहम्मद मेंहदी 36.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नवाबजादा सैयद मोहम्मद मेंहदी | 11,66449.6% | |
| 2 | रामेश्वर प्रसाद गुप्ता SP | SP | 3,06513.1% |
| 3 | अमीन अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 2,94412.5% |
| 4 | महंत हरिहर दास निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2859.7% |
| 5 | मथुरा प्रसाद राय | 1,5076.4% | |
| 6 | कमला कान्त KMPP | KMPP | 6002.5% |
| 7 | मन्ना लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4351.9% |
| 8 | राम लक्ष्मण शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 3931.7% |
| 9 | गुरु बच्चन सिंह | 3021.3% | |
| 10 | रंजीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1820.8% |
| 11 | सत्य नारायण प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1160.5% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 75% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.40 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।