आरा मुफस्सिलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
अम्बिका सिंह (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 32.6% वोट पाकर आरा मुफस्सिल सीट जीती और रामनंदन लाल गुप्ता (निर्दलीय) को 2,797 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 38 छपरा है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — अम्बिका सिंह 16.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अम्बिका सिंह | 5,53832.6% | |
| 2 | रामनंदन लाल गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 2,74116.1% |
| 3 | चन्द्रिका प्रसाद सिंह RRP | RRP | 2,09412.3% |
| 4 | जनार्दन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4638.6% |
| 5 | विन्देश्वरी सिंह RRP | RRP | 1,3958.2% |
| 6 | रामदयाल सिंह SP | SP | 1,3728.1% |
| 7 | गुप्तेश्वर पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 5883.5% |
| 8 | कमलाकांत सरन निर्दलीय | निर्दलीय | 5543.3% |
| 9 | हरिदयानंदन चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 4272.5% |
| 10 | रघुबंश नारायण सिंह KMPP | KMPP | 4192.5% |
| 11 | नारायण द्विवेदी | 4182.5% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 69% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.82 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।