बड़हराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
रामबिलास सिन्हा (RRP) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 20.4% वोट पाकर बड़हरा सीट जीती और हरिनंदन सिंह (INC) को 489 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 37 बनियापुर है।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। रामबिलास सिन्हा 2.5% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रामबिलास सिन्हा RRP | RRP | 3,92720.4% |
| 2 | हरिनंदन सिंह | 3,43817.9% | |
| 3 | बृजकुमार शुक्ला SP | SP | 2,43912.7% |
| 4 | राम वदन राय निर्दलीय | निर्दलीय | 2,37512.3% |
| 5 | दीप नारायण सिंह KMPP | KMPP | 2,11611.0% |
| 6 | बाचस्पति त्रिपाठी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,97510.3% |
| 7 | रामचन्दर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3847.2% |
| 8 | छबिनाथ सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 9384.9% |
| 9 | बाल्मीकि पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 3651.9% |
| 10 | चन्द्र मणि राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2951.5% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 51% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 7.38 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।