रफीगंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
एस.एम. लतिफुर रहमान (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 31.2% वोट पाकर रफीगंज सीट जीती और रामपुकार सिंह (निर्दलीय) को 226 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 33 बैकुंठपुर है।
विजेता
रफीगंज का फ़ैसला सिर्फ़ 0.8% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 226 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एस.एम. लतिफुर रहमान | 8,40331.2% | |
| 2 | रामपुकार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8,17730.4% |
| 3 | मुनेश्वर सिन्हा निर्दलीय | निर्दलीय | 5,13019.0% |
| 4 | राम सरूप सिंह SP | SP | 4,41416.4% |
| 5 | जगदीश मिस्त्री निर्दलीय | निर्दलीय | 8143.0% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 81% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.95 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।