बड़ाबाजार सह चांडिलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
1951–52 के विधान सभा चुनाव में बड़ाबाजार सह चांडिल से 2 सदस्य चुने गए: भीमचंद्र महतो (LKSS) और अतुल चन्द्र सिंह भुईयाँ (LKSS)।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से कोई सीट नंबर 266 नहीं है।
विजेता
10.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | भीमचंद्र महतो LKSS | LKSS | 18,68124.8% |
| 2 | अतुल चन्द्र सिंह भुईयाँ LKSS | LKSS | 13,95818.5% |
| 3 | ईशान चन्द्र महंती निर्दलीय | निर्दलीय | 11,16614.8% |
| 4 | लया बलराम | 6,5998.8% | |
| 5 | महेश्वर महतो | 5,3447.1% | |
| 6 | बिद्याधर महता | 4,9206.5% | |
| 7 | खेतू मांझी | 3,9325.2% | |
| 8 | जानकी नाथ मांझी JHP | JHP | 3,6734.9% |
| 9 | निवारण चन्द्र महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2543.0% |
| 10 | राखोहरी सिंह सरदार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9062.5% |
| 11 | करण सिंह मांझी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5622.1% |
| 12 | उमेशचंद्र मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3251.8% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 74% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 7.03 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1977 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1977 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।