चतराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
सुखलाल सिंह (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 38.8% वोट पाकर चतरा सीट जीती और अचुयाबा दयाल सिंह (CNSPJP) को 423 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 235 टुंडी है।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। सुखलाल सिंह 2.2% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुखलाल सिंह | 7,45438.8% | |
| 2 | अचुयाबा दयाल सिंह | 7,03136.6% | |
| 3 | भूपेन्द्र नारायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2226.4% |
| 4 | कामाख्य़ा नारायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1516.0% |
| 5 | सालिग्राम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8114.2% |
| 6 | गंगा बिशुन सिंह SP | SP | 7513.9% |
| 7 | महादेव राम अग्रवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4192.2% |
| 8 | उमराव प्रसाद अमरिया निर्दलीय | निर्दलीय | 3561.9% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.37 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।