देवघरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
भुवनेश्वर पाण्डेय (FBL(MG)) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 60.1% वोट पाकर देवघर सीट जीती और विनोदानंद झा (INC) को 11,072 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 221 बेरमो है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — भुवनेश्वर पाण्डेय 31.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | भुवनेश्वर पाण्डेय | 21,20460.1% | |
| 2 | विनोदानंद झा | 10,13228.7% | |
| 3 | भगवान राजहंस SP | SP | 1,8515.2% |
| 4 | कृष्ण प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0342.9% |
| 5 | मदन मोहन प्रसाद सिन्हा निर्दलीय | निर्दलीय | 5641.6% |
| 6 | रेबा राय KMPP | KMPP | 5171.5% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
FBL(MG) और INC को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.24 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।