पूर्णियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
कमल देव नारायण सिन्हा (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 54.3% वोट पाकर पूर्णिया सीट जीती और देव नाथ राय (SP) को 6,954 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 204 औरंगाबाद है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — कमल देव नारायण सिन्हा 29.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कमल देव नारायण सिन्हा | 13,04454.3% | |
| 2 | देव नाथ राय SP | SP | 6,09025.4% |
| 3 | शेख हबीबुर रहमान निर्दलीय | निर्दलीय | 2,74411.4% |
| 4 | चौधरी विक्टर चंदलाल KMPP | KMPP | 2,1298.9% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, SP और एक निर्दलीय को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.63 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।