पालीगंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
राम लखन सिंह यादव (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 34.1% वोट पाकर पालीगंज सीट जीती और राम लखन प्रसाद सिन्हा (निर्दलीय) को 3,627 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 17 हरसिद्धि है।
विजेता
14.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राम लखन सिंह यादव | 8,51734.1% | |
| 2 | राम लखन प्रसाद सिन्हा निर्दलीय | निर्दलीय | 4,89019.6% |
| 3 | देव प्रसाद दुसाध SP | SP | 3,68514.7% |
| 4 | सिद्धेश्वरी प्रसाद सिन्हा निर्दलीय | निर्दलीय | 2,75511.0% |
| 5 | कपिलदेव रामजी महंत RRP | RRP | 2,4239.7% |
| 6 | सुरेश दत्त शर्मा | 1,3975.6% | |
| 7 | नारायण राम उदित निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0764.3% |
| 8 | गोरख नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 2501.0% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 68% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.93 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1977 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1977 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।