बिहटाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
मनोरमा देवी (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 41.7% वोट पाकर बिहटा सीट जीती और रामचंद्र गोप (KMPP) को 6,768 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 16 पिपरा है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मनोरमा देवी 25.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मनोरमा देवी | 11,29141.7% | |
| 2 | रामचंद्र गोप KMPP | KMPP | 4,52316.7% |
| 3 | श्यामनंदन सिंह SP | SP | 3,32912.3% |
| 4 | रामायण सिंह | 2,3048.5% | |
| 5 | रघुनाथ प्रसाद वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2928.5% |
| 6 | रामकृत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2164.5% |
| 7 | रामानुज दुसाध निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1814.4% |
| 8 | सिद्धेश्वरी शरणलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 7302.7% |
| 9 | खखन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2070.8% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 71% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.23 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।