समस्तीपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
1951–52 के विधान सभा चुनाव में समस्तीपुर से 2 सदस्य चुने गए: यदुनंदन सहाय (INC) और सुन्दर महतो (INC)।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 129 रामगढ़ है।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। यदुनंदन सहाय 4.2% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | यदुनंदन सहाय | 15,16119.0% | |
| 2 | सुन्दर महतो | 15,02218.9% | |
| 3 | राम औतार शर्मा SP | SP | 11,85514.9% |
| 4 | काशी पासवान SP | SP | 11,61914.6% |
| 5 | योगेश्वर प्रसाद राय निर्दलीय | निर्दलीय | 7,2799.1% |
| 6 | उमेश चन्द्र मधुकर निर्दलीय | निर्दलीय | 4,8126.0% |
| 7 | रघुनाथ प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,1614.0% |
| 8 | आर.पी. घोष निर्दलीय | निर्दलीय | 2,8863.6% |
| 9 | कपूरी राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4943.1% |
| 10 | मुनीलाल दास निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2292.8% |
| 11 | चक्र धर प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7952.3% |
| 12 | राज किशोर प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3231.7% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 77% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 7.53 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।