बाढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
राणा शिवलख पति सिन्हा (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 30.8% वोट पाकर बाढ़ सीट जीती और तारिणी प्रसाद सिन्हा (निर्दलीय) को 2,299 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 11 घोड़ासहन है।
विजेता
9.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राणा शिवलख पति सिन्हा | 7,27830.8% | |
| 2 | तारिणी प्रसाद सिन्हा निर्दलीय | निर्दलीय | 4,97921.1% |
| 3 | महेश्वर प्रसाद राय SP | SP | 3,61115.3% |
| 4 | रामललन सिन्हा | 2,38210.1% | |
| 5 | ब्रह्मदेव प्रसाद KMPP | KMPP | 1,3735.8% |
| 6 | कारू दुसाध | 1,3445.7% | |
| 7 | कैलाश प्रसाद भगत निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0554.5% |
| 8 | मथुरा प्रसाद वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 7523.2% |
| 9 | बासो धानुक निर्दलीय | निर्दलीय | 6182.6% |
| 10 | बडेश्वरी प्रसाद सिन्हा निर्दलीय | निर्दलीय | 2240.9% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 67% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.45 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1967 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1967 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।