कल्याण मध्य कल्याण कैंपविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
मनसुखानी खानचंद गोपालदास (निर्दलीय) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 39.4% वोट पाकर कल्याण मध्य कल्याण कैंप सीट जीती और टहलरामानी परसाराम विशिनीसिंग (INC) को 4,770 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 90 झालोद है।
विजेता
14.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मनसुखानी खानचंद गोपालदास निर्दलीय | निर्दलीय | 12,87939.4% |
| 2 | टहलरामानी परसाराम विशिनीसिंग | 8,10924.8% | |
| 3 | भेरवानी अस्सनदास नानिकराम SP | SP | 4,59614.1% |
| 4 | पुरस्वानी भोजराज सहलदास | 2,7708.5% | |
| 5 | शिंपी भिकू मार्तन्ड निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6205.0% |
| 6 | ठाकुर खेराजमल हिरानन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5784.8% |
| 7 | विद्यार्थी परचा केवलराम | 6271.9% | |
| 8 | हरिजन रांसी वेलजी निर्दलीय | निर्दलीय | 4991.5% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 78% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.01 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1957 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1957 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।