गोधराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
राजपूत डाहयाभाई लल्लूभाई (निर्दलीय) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 40.5% वोट पाकर गोधरा सीट जीती और मेहता मणीलाल हरिलाल (INC) को 1,928 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 54 सिद्धपुर है।
विजेता
6.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राजपूत डाहयाभाई लल्लूभाई निर्दलीय | निर्दलीय | 11,94840.5% |
| 2 | मेहता मणीलाल हरिलाल | 10,02034.0% | |
| 3 | शिरोया सोमलाल नाथजीभा SP | SP | 3,58112.1% |
| 4 | शुक्ला रामचंद्र जेठाराम RRP | RRP | 2,6759.1% |
| 5 | चौहान प्रतापसिंह रामसिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2824.3% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.29 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1957 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1957 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।