रत्नागिरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
सुर्वे सीताराम नाना (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 50.9% वोट पाकर रत्नागिरी सीट जीती और शेट्ये जयराम बालकृष्ण उर्फ़ भाई (SP) को 5,187 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 192 शिरोल है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सुर्वे सीताराम नाना 24.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुर्वे सीताराम नाना | 10,69950.9% | |
| 2 | शेट्ये जयराम बालकृष्ण उर्फ़ भाई SP | SP | 5,51226.2% |
| 3 | देसाई बाबुराव भावना निर्दलीय | निर्दलीय | 3,48816.6% |
| 4 | पठारे नारायण हरि | 1,3366.3% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, SP और एक निर्दलीय को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.79 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1957 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1957 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।