गडहिंग्लजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
श्रेष्ठी महादेव दुंडाप्पा (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 46.1% वोट पाकर गडहिंग्लज सीट जीती और देसाई रखमाजीराव बापूजीराव (निर्दलीय) को 7,686 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 184 का नाम अब भी गडहिंग्लज है, अब नई सीमाओं के साथ।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — श्रेष्ठी महादेव दुंडाप्पा 19.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | श्रेष्ठी महादेव दुंडाप्पा | 18,41946.1% | |
| 2 | देसाई रखमाजीराव बापूजीराव निर्दलीय | निर्दलीय | 10,73326.9% |
| 3 | नार्वेकर दियानदेव शांताराम निर्दलीय | निर्दलीय | 5,51413.8% |
| 4 | माने बाबुराव अप्पय्या SP | SP | 4,87112.2% |
| 5 | चरती शंकर गुरलिंगप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 4251.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.14 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।