शिराला वालवाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
बाबर सरोजिनी कृष्णराव (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 36.4% वोट पाकर शिराला वालवा सीट जीती और पाटिल यशवंत चंद्रू (PWP) को 1,339 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 175 रत्नागिरी है।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। बाबर सरोजिनी कृष्णराव 4.4% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बाबर सरोजिनी कृष्णराव | 11,06636.4% | |
| 2 | पाटिल यशवंत चंद्रू | 9,72732.0% | |
| 3 | पाटिल गजानन बालाजी निर्दलीय | निर्दलीय | 3,97413.1% |
| 4 | पाटणकर बाबुजी बाला निर्दलीय | निर्दलीय | 3,23110.6% |
| 5 | मोहिते महादेव तुकाराम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8076.0% |
| 6 | महिंद विष्णु भाऊ निर्दलीय | निर्दलीय | 5781.9% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.74 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1957 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1957 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।