फलटण माणविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
1951–52 के विधान सभा चुनाव में फलटण माण से 2 सदस्य चुने गए: नाईक-निंबालकर मालोजीराव उर्फ़ नानासाहेब (INC) और तपासे गणपतराव देवजी (INC)।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 163 शिरूर है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — नाईक-निंबालकर मालोजीराव उर्फ़ नानासाहेब 21.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नाईक-निंबालकर मालोजीराव उर्फ़ नानासाहेब | 31,63335.0% | |
| 2 | तपासे गणपतराव देवजी | 26,88729.8% | |
| 3 | नलावडे कृष्ण बाला KKP | KKP | 11,86413.1% |
| 4 | बंदिसोडे सदाशिव मारुती | 7,8568.7% | |
| 5 | सातपुते बाबू रामा निर्दलीय | निर्दलीय | 5,0335.6% |
| 6 | जगदाले शामराव बंडूजी निर्दलीय | निर्दलीय | 3,9664.4% |
| 7 | कचरे बापुराव भाऊराव SP | SP | 3,1403.5% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.13 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1957 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1957 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।