कोरेगांवविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
घारगे शंकरराव गणपतराव (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 30.7% वोट पाकर कोरेगांव सीट जीती और बोराटे पांडुरंग कोंडीबा (SP) को 4,576 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 160 हवेली है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — घारगे शंकरराव गणपतराव 15.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | घारगे शंकरराव गणपतराव | 9,11230.7% | |
| 2 | बोराटे पांडुरंग कोंडीबा SP | SP | 4,53615.3% |
| 3 | पवार तुषार पांडुग्रंग KKP | KKP | 3,28011.1% |
| 4 | कुलकर्णी गणेश रामचंद्र निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9339.9% |
| 5 | विचारे केशव विश्राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5028.4% |
| 6 | म्हेत्रास दत्तात्रय बलवंत | 2,2387.5% | |
| 7 | माने रघुनाथराव आनंदराव निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0917.0% |
| 8 | पाटिल रामराव दादासाहब निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4024.7% |
| 9 | घोरपडे सोपानराव कुस्दलिका निर्दलीय | निर्दलीय | 8292.8% |
| 10 | काटकर नागेश मारुती निर्दलीय | निर्दलीय | 7502.5% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 57% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.21 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1957 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1957 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।