मेवासा तलोदा अक्राणी पश्चिमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
1951–52 के विधान सभा चुनाव में मेवासा तलोदा अक्राणी पश्चिम से 2 सदस्य चुने गए: पाटिल, विश्राम हरि (INC) और वल्वी, जनार्दन पोहार्या (INC)।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 113 सोनगढ़ है।
विजेता
मेवासा तलोदा अक्राणी पश्चिम का फ़ैसला सिर्फ़ 0.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 575 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पाटिल, विश्राम हरि | 14,73415.6% | |
| 2 | राणासाहेब जयदेवसिंग गुलाबसिंग निर्दलीय | निर्दलीय | 14,15915.0% |
| 3 | वल्वी, जनार्दन पोहार्या | 13,58514.4% | |
| 4 | गुजर, प्रल्हाद भाईदास SP | SP | 11,50012.2% |
| 5 | महाजन, गोरख हुलाजी | 10,81011.4% | |
| 6 | पाडवी, उखाडू देवला निर्दलीय | निर्दलीय | 10,49011.1% |
| 7 | भील, सखाराम भगवान | 9,97710.6% | |
| 8 | वल्वी, लक्ष्मण वेडू SP | SP | 9,3579.9% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 74% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 7.79 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1957 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1957 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।